Tuesday, 6 September 2016

मौसी और कजिन




      हैलो दोस्‍तों आपने मेरी पिछली कहानी डॉक्‍टर डॉक्‍टर का खेल पढी और आपकी अच्‍छी प्रतिक्रिया मिली उसके लिए आपका बहुत बहुत धन्‍यवाद। अब मैं यानि आपका अपना आर्यन आपको अपनी अगली कहानी बताने जा रहा हूं।

      बात उन दिनों की है जब मैं अपने ननिहाल अपने मामा की शादी में गया हुआ था। तब मैं 11 वर्ष का था। मेरे मामा की शादी में हमारे सभी दूर-दराज के रिश्‍तेदार आए हुए थे (जैसा कि हर भारतीय शादी में होता है)। अब ननिहाल में शादी थी तो हमारी नानी की बहनों की बेटियां भी वहीं पर थी (ज्‍यादा लम्‍बा लग रहा हो तो हम इसे 'मौसी' भी कह सकते हैं)। उन्‍हीं में से एक मेरी मौसी का नाम था 'पायल'। उसके गुणों का बखान जिसे हम गुणों की खान भी कह सकते हैं - 17 साल की उम्र, भरा पूरा बदन, बड़े आकार के स्‍तन, छोटे पर घने बाल, लम्‍बी गर्दन और भी बहुत कुछ जिनका वर्णन इतने छोटे पेज में कर पाना सम्‍भव नहीं है। साथ ही साथ में शामिल थे मेरे अन्‍य मामाजी और उनकी बेटियां जिन्‍हें हम कजिन कहते हैं। मेरी एक कजिन जिसका नाम 'प्रिया' है उन दिनों 16 साल की हो गई थी, मतलब अपने सन्‍तरों के साथ जवानी में पूरी तरह से मचल रही थी। आप अपने आस पास की कोई भी हॉट से हॉट 16 साल की लड़की की कल्‍पना कर लो, बस वो भी वैसी ही दिखती थी। मैं इन दोनों के बारे में ही क्‍यों बता रहा हूं ये तो आप ब्‍लॉग का टाइटल देखकर ही समझ गए होंगे।
      मामाजी की हल्‍दी से एक रात पहले नानीजी सबका सोने का प्‍लान तैयार करके बोली "सारे मामाजी टेरेस पे शिफ्ट हो जाएंगे। नाना को मिलेगा हॉल। मम्‍मी उनके पास उनके कमरे में। उनकी दो बहनें लेफ्ट वाले रूम में। बाकी दोनों बहनें सामने के रूम में। पायल और मैं सोएंगे प्रिया के रूम में...और भी ब्ला ब्ला...।" इतना बताकर नानी नौकरों को उनका काम समझाने में बिजी हो गई। प्रिया ने मुझसे कहा- चलो जाकर रूम में सो जाओ कल से बहुत सारे काम हैं। मैं रूम में चला गया, नाइट सूट पहना और बेड पर सो गया। मेरी आंख लगने ही वाली थी कि पायल भी प्रिया के साथ रूम में आ गई। उन्‍हें लगा में सो रहा हूं। उन दोनों ने अपने कपड़े उतारे। पायल ने तो ब्रा पहनी थी, लेकिन प्रिया ने नहीं पहनी हुई थी। प्रिया ने अपना टी-शर्ट, पायजामा और पायल ने अपनी मिनी स्‍कर्ट पहनी फिरदूसरे बेड पर दोनों लेट गई और आपस में बातें करने लगी।

पायल - "प्रिया, तुम ब्रा क्‍यों नहीं पहनती हो?"
प्रिया - "अभी क्‍या जरूरत है?"
पायल - "अरे पागल मैंने तो दो साल पहले से ही ब्रा पहनना शुरू कर दिया था।"
प्रिया - "तुम्‍हारे है भी तो बड़े बड़े।"
पायल - "क्‍या है बड़े बड़े?"
प्रिया - "मैं नाम नहीं ले सकती।"
पायल - "क्‍यों?"
प्रिया - "मुझे शर्म आती है।"
पायल - "मुझसे क्‍या शर्माना?"
प्रिया - "ओके, मेरा मतलब था तुम्‍हारे स्‍तन बड़े हैं।"
पायल - "तुम्‍हारा मतलब मेरे बोबे।"
प्रिया - "तुम्‍हें ऐसा वर्ड बोलने की जरूरत नहीं है।"
पायल - "ठीक हैं चूचियां बोलना कैसा रहेगा?"
प्रिया - "स्‍तन थोड़ा डीसेन्‍ट लगता है।"
पायल - "क्‍या डीसेन्‍ट? थोड़ा वल्‍गर भी होना चाहीए।"
प्रिया - "नहीं।"
पायल - "अब तू ये मत बोलना कि तू चूत को भी योनी बोलती है।"
प्रिया - "मैं ऐसा कुछ नहीं बोलती।"
पायल - "फिर तो तू अपने बॉयफ्रेन्‍ड के लण्‍ड को भी शिशन कहेगी?"
प्रिया - "मेरा कोई बॉयफ्रेन्‍ड नहीं है।"
पायल - "कभी लण्‍ड देखा तो है या नहीं?"
प्रिया - "नहीं"
पायल - "तेरा कभी चुदने का मन नहीं करता है क्‍या?"
प्रिया - "करता तो है, पर मेरा कोई बॉयफ्रेन्‍ड तो है नहीं।"
पायल - "तो क्‍या हुआ? मैं हूं ना।"
प्रिया - "तुम लड़का हो?"
पायल - "हा हा, नहीं पर मैं ये सिखा सकती हूं कि मजे कैसे करते है।"

      इतना कहकर पायल बेड के पास खड़ी हो गई और प्रिया को भी अपने पास खड़ी कर उसकी टी शर्ट को थोड़ा उपर कर दिया जिससे उसके बोबे बाहर आ गए। पायल ने अपनी जीभ निकालकर बारी-बारी से दोनों चूचियां चाटी फिर उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए उसके होठों को चूमने लगी। प्रिया ने झुककर पायल की पेंटी उतार दी और फिर खड़ी हो गई। पायल ने "तुम्‍हारी भी तो उतारनी पड़ेगी" कहते हुए प्रिया का पायजामा और चड्डी उतार दी। प्रिया के गोल मटोल चूतड़ मुझे साफ दिखाई दे रहे थे जिन्‍हें पायल चूम रही थी। पायल ने प्रिया को बेड पर बिठा दिया और टांगे चौड़ी कर दी जिससे प्रिया की रोएंदार चूत भी खुलकर सामने आ गई। पायल फिर से प्रिया के बोबे चूसने लगी और प्रिया आहें भर रही थी। जब पायल झुकते हुए प्रिया के पेट से होते हुए चूत की तरफ बढने लगी तो उसकी मिनी स्‍कर्ट के नीचे से उसकी बिना झांटों वाली क्‍लीन चूत भी दिखने लगी।
      जैसे ही पायल ने प्रिया की चूत को सहलाना और चाटना शुरू किया तो वह और जोर से आहें भरने लगी। उधर बड़े मजे से पायल चूत चाट रही थी और उधर प्रिया एक हाथ से अपनी चूची दबा रही थी और दूसरा हाथ उसके बालों पर फेरते हुए आहें भर रही थी। पायल ने अपने हाथ पर थूका और प्रिया की चूत मसलने लगी फिर उसने चूत पर थूका, अपना अंगुठा उसकी चूत पर रगड़ने लगी और कहा "तुम्‍हारी चूत तो बहुत कसी हुई है।" प्रिया अपने दोनों बोबे पकड़कर पीछे की ओर झुक गई और पायल फिर से उसकी चूत को चूसने लगी उसी के साथ प्रिया की आहें और तेज हो गर्इ और वो बेड पर गिर गई लेकिन पायल ने चूट चाटना जारी रखा। हाथों को टिकाकर प्रिया फिर से थोड़ा उपर उठी और अपनी कमर हिलाने लगी। लगता है वह सीख गई थी कि मजे कैसे लिए जाते हैं। अब तो प्रिया पायल के सिर को जोर से अपनी चूत में दबा रही थी और साथ ही साथ चीखे जा रही थी।
      पायल ने प्रिया की टांगें उपर उठा दी और गांड के छेद से लेकर चूत तक जीभ से चाटने लगी। प्रिया ने कहा "ओह पायल अब इसमें कुछ डालना ही पड़ेगा वरना मेरी प्‍यास नहीं बुझेगी, तुम ऐसा करो आर्यन को जगाओ।" अब उसे कौन बताता कि मैं पहले से ही जागकर सारा तमाशा देख रहा हूं। पायल ने कहा "जगाकर क्‍या करेंगे, इसकी नुन्‍नी से हमारा कुछ नहीं होगा। इसकी नुन्‍नी से तो बड़ी मेरी अंगुली है।" पायल ने अपनी बीच वाली अंगुली प्रिया के चूत के छेद में डाल दी तो वह चिहुंक उठी। पायल ने अंगुली बाहर निकालकर अपने मुंह में चूसी और फिर से प्रिया की चूत का रस पीने लगी। अपनी बीच की दो अंगुलियों पर थूक लगाकर उसने झटके से प्रिया की चूत में डाली तो उसकी चीख ही निकल गई। अपने दूसरे हाथ से पायल उसकी चूत को उपर से रगड़ रही थी। उसने रूककर प्रिया की चूत पर थूका और फिर से पेलना, रगड़ना शुरू कर दिया।
      प्रिया बिस्‍तर पर बैठ गई और पायल को गले लगाकर उसके होठों को चूमने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे दोनों एक दूसरे को खा जाएंगी। प्रिया खड़ी हुई और पायल को पूरी तरह से नंगा करके उसके चूतड़ सहलाने लगी और कहा "क्‍या बात है! इतने बड़े नितम्‍ब।" पायल हंसने लगी और बोली "नितम्‍ब नहीं चूतड़।" दोनों खिलखिला कर बेड पर एक दूसरे के पास बैठ गईं। प्रिया ने अपनी अंगुली मुंह में चूसी और पायल की चूत को रगड़ने लगी। पायल भी अपनी अंगुली प्रिया की चूत पर रगड़ने लगी।
      पायल ने कहा "ओह माई गॉड तुम्‍हारी चूत तो बहुत गीली हो गई है।" प्रिया ने कहा "तुम्‍हारी भी तो गीली हो चुकी है।" दोनों एक दूसरे की चूत में अंगुली मार रही थी और दोनों की दोनों मदहोश कर देने वाली आवाजें निकाल रही थी जिन्‍हें सुनकर मेरी नुन्‍नी में भी हलचल हो रही थी। पायल ने एक हाथ से अपने अपने दोनों निप्‍पलों को एक-एक कर दबाया और अपने होठ प्रिया की तरफ कर दिये, प्रिया ने भी उसके होठ चूम लिए। कुछ देर तक दोनों का इसी तरह एक दूसरे की चूत को मसलना, चूमना और आहें भरना जारी रहा। प्रिया ने अपनी अंगुली पायल की चूत से हटाकर अपने मुंह से चूसी और पायल के मुंह में डील दी। पायल भी प्रिया की अंगुली को ऐसे चूस रही थी जैसे बच्‍चे लॉलीपॉप चूसते हैं।
      एक बार फिर से दानों के हाथ एक दूसरे की चूत पर आ गए। दोनों एक दूसरे को किस कर रहीं थी और बीच बीच में जोर जोर से आहें भर रहीं थी। पायल ने प्रिया के बोबे को चूसा और फिर से उसके होठों पर टूट पड़ी। पायल अपनी टांगें उठाकर बेड के बीच में लेट गई और प्रिया उसकी चूत को जैसे खाने ही लग गई हो। प्रिया के चूतड़ उपर उठे हुए थे जिस कारण उसकी गांड और चूत दोनों के साफ दर्शन हो रहे थे। पायल ने अपने एक पैर से उसके कुल्‍हे थपथपाए और बोली कितने छोटे और प्‍यारे चूतड़ है तुम्‍हारे।इतने में ही पायल की चूत ने पानी छोड़ दिया और वह जोर से आहें भरने लगी। प्रिया ने उसकी चूत का सारा रस गटक लिया। प्रिया ने अपनी जीभ पायल की चूत में डाल दी और अन्‍दर बाहर करने लगी। पायल अपनी कमर उठा उठा कर मजे ले रही थी साथ ही साथ वो अपने दोनों पैरों से प्रिया के दानों चूतड़ों पर थपथपा रही थी। प्रिया अपनी जीभ से पायल की गांड से लेकर चूत तक चाट रही थी, पायल सिर्फ अपनी टांगें उठाकर आहें भरे जा रही थी। पायल बोली लगता है मैं फिर से झड़ने वाली हूं और उस‍की चूत से फव्‍वारा छूट गया। इस बार छींटे काफी दूर तक गिरे।
      पायल उठी और दूसरी तरफ सिर करके सीधा लेट गई और प्रिया का अपने उपर उल्‍टा लिटाकर दोनों 69 की स्थिति में आ गए। प्रिया का तो दिख नहीं रहा था लेकिन पायल प्रिया के चूतड़ों को दबा रही थी और बड़े मजे से उसकी चूत चूस-चाट रही थी। अपनी जीभ को उसकी चूत में घुसा रही थी, बीच बीच में रूककर आहें भर रही थी। प्रिया अपनी गांड हिला रही थी और दबी दबी से आवाजें निकाले जा रही थी। इतने में ही प्रिया के पैर अकड़ने लगे और वो झड़ गई। पायल उसका सारा पानी पी गई और फिर से उसकी चूत को चाव से चाटने लगी इसी बीच प्रिया चीखते हुए फिर से झड़ गई। प्रिया खड़ी हुई और पायल के होठों को बड़े प्‍यार से चूमते हुए बोली आज तो मजा ही आ गया। प्रिया पायल के पास आकर लेट गई और प्‍यार से उसके होठ चूमे और निप्‍पल चूसने लगी गई। फिर दोनों नंगे ही एक दूसरे से लिपटकर सो गए।
      इस रात की कहानी तो यहीं पर समाप्‍त होती है। आगे की रातों में क्‍या क्‍या हुआ ये जानने के लिए करना होगा थोड़ा सा इन्‍तजार। तब तक के लिए लड़के हिलाते रहें और लड़कियां दबाती रहें और पढना ना भूलें नॉन वेज ढाबा।
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Thursday, 11 August 2016

डॉक्टर डॉक्टर का खेल



      हैलो दोस्‍तों मेरा नाम आर्यन है और मैं 18 साल का हूं और मेरी ये कहानी लगभग 8 साल पहले की है। जैसा कि हमें पता है छोटी उम्र में हम सब क्‍यूट ही दिखते हैं। मैं भी कुछ वैसा ही था। हमारे पड़ौस में ही हिना (बदला हुआ नाम) नाम की एक लड़की रहती थी। उस समय वह 17 साल की रही होगी। काले लम्‍बे बाल, रंग एकदम गोरा मानो रोज दूध से नहाती हो, पतली सी लचकती कमर, गोल गोल चूचियां, और उस पर मटकते चूतड़ तो गज़ब ही ढाते थे। उस समय मैं सैक्‍स वगैरह के बारे में कुछ भी नहीं जानता था। ये भी नहीं समझता था कि मेरी नुन्‍नी मुतने के अलावा भी कुछ कर सकती है।

      मेरा हिना के घर में आना जाना लगा र‍हता था। हमारे घर के पास में एक अण्‍डर कन्‍स्‍ट्रक्शन मकान था। एक रविवार की सुबह मैं वहीं बाहर खेल रहा था कि हिना का वहां से गुजरना हुआ। काले टॉप और सफेद स्‍कर्ट में वह मस्‍त दिख रही थी। उसने मुझे अपने पास बुलाया और पूछा "तुम अकेले अकेले क्‍यों खेल रहे हो? साथ में कोई दोस्‍त नहीं है क्या?" मैंने ना में सिर हिला दिया। उसने मुझसे कहा "चलो मैं तुम्‍हारे साथ खेलती हूं।" मैंने पूछा "हम क्‍या खेलेंगे?" तो उसने कहा "हम दोनों डॉक्‍टर डॉक्‍टर खेलते हैं।"

      मैंने सोचा ठीक ही है आज साथ में कोई दोस्‍त नहीं है तो मेरा भी टाइम पास हो जाएगा। फिर मैंने हिना से कहा "चलो हम मेरे घर चलते है।" तो हिना ने कहा "अगर हम तुम्‍हारे घर पर खेलेंगे तो तुम्‍हारी मम्‍मी गुस्‍सा करेंगी।" मैंने भी सोचा मम्‍मी मेरे दोस्‍तों पर अक्‍सर नाराज हो जाती है जब हम घर में खेलते हैं। फिर मैंने कहा "तुम ही कोई जगह बता दो।" उसने कहा "सामने वाले मकान में चलते है अभी तक तो वहां पर काम करने वाले लोग भी नहीं आए है तो हमें कोई नहीं रोकेगा।"

      हम दोनों उस सुनसान मकान में पहुंचे और एक कमरे के अन्‍दर चले गए। हिना ने कहा "तुम ऐसा करो तुम डॉक्‍टर बन जाओ और मैं तुम्‍हारी मरीज बन जाती हुं।" ऐसा कहकर उसने मुझे एक स्‍टूल पर बिठा दिया और मेरे सामने एक टेबल पर खुद लेट गई। मैंने पहले भी डॉक्‍टर डॉक्‍टर तो खेला ही था, इसलिए जानता था कि इस खेल में क्‍या करना होता है। मैंने कहा "मुझे अपना स्‍टेथस्‍कोप (खिलौने वाला) तो लाना ही पड़ेगा।" उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली "नहीं नहीं उसकी जरूरत नहीं है, हम उसके बिना ही खेल लेंगे। तुम स्‍टेथस्‍कोप की जगह अपना हाथ काम में ले लेना।"

      खेल शुरू हुआ, मैंने उससे पूछा "बताओ क्‍या बीमारी है?" उसने कहा "डॉक्‍टर अब मैं आपको क्‍या बताउं, मेरी छाती में बहुत दर्द रहता है।" जैसा कि हिना ने मुझसे कहा था मैंने अपना हाथ उसके सीने पर रख दिया, मुझे हाथ पर उसकी तेज धड़कन महसूस हो रही थी और दूसरा हाथ कान पर लगाकर सुनने की कोशिश करने लगा। मैंने पूछा "क्‍या यहां पर दर्द होता है?" उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी एक चूची पर लगाते हुए बोली "यहां बहुत दर्द रहता है। जब दबाती हूं तो जोर से दर्द होता है।" मैंने उसकी चूची को दबाया तो उसने आह भरी। मैंने कहा "वाकई दर्द तो हो रहा है। कब से है आपको ये दर्द?" उसने बताया "तीन महीने हो गए।" मैंने कहा "आपने तो इलाज करवाने में बहुत देर कर दी।" उसने कहा "पहले आपसे इलाज करवाने का मौका नहीं मिला था ना इसलिए।"

      उसने कहा "आप हल्‍का हल्‍का दबा रहे हैं ना, उससे अभी थोड़ा आराम मिल रहा है। मेरी मसाजकर दीजिए ना।" मैंने उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया तो वह धीमी धीमी सिसकारियां भरने लगी। मैंने सोचा शायद उसे दर्द हो रहा होगा इसलिए मैं रूक गया। उसने कहा "रूक क्‍यों गए डॉक्‍टर? मेरा दर्द अब कम हो रहा है।" मैंने फिर से उसकी दोनों चूचियां जोर जोर से मसलनी शुरू कर दी, और वो धीरे धीरे कराह रही थी। काफी देर तक मै उसकी चूचियां दबाता रहा और वो सिसकती रही। रूककर उसने मुझे कहा "डॉक्‍टर मेरी चूचियों का टेस्‍ट भी अजीब सा आता है।" मैंने पूछा "अजीब से आपका क्‍या मतलब है?" तो उसने कहा "आप खुद ही चूस कर देख लीजिए ना।"

      उसने अपना टॉप उतार दिया। उसने नीचे ब्रा भी काले रंग की पहनी हुई थी। उसके गोरे बदन पर काले रंग की ब्रा कैसी लग रही होगी आप भी कल्‍पना कर सकते है। उसके ठीक बाद उसने अपनी ब्रा भी उतार दी। उसकी दोनों चूचियां फुदकते हुए बाहर आ गई। उसने मेरा सिर पकड़ा और मेरा मुंह अपनी एक चूची के पास ले गई। पहले मैंने सिर्फ जीभ से चखा तो उसने कहा "ऐसे नहीं, चूसकर देखिये डॉक्‍टर।" मैंने चूसना शुरू कर दिया। वह फिर से आहें भरने लग गई। मैंने उसके हाथ छुड़ाकर अपने मुंह में से चूची को बाहर निकाला और पूछा "कोई यहां चूसता है तो भी दर्द होता है क्‍या?" उसने कहा "नहीं आप चूस रहे हो ना तो दर्द ठीक हो रहा है।" मैं फिर से चूसने लग गया। लगभग 10 मिनट तक उसने बारी-बारी मुझसे अपनी दोनों चूचियां चुसवाई।

      "आप बहुत अच्‍छे डॉक्‍टर है।" उसने कहा "आप मुझे इन्‍जेक्‍सन भी लगा दीजिए ना जिससे कि मेरा हर दर्द दूर हो जाए।" मैंने उसे उल्‍टा लेटने को कहा तो वो उल्‍टा लेट गई। मैंने जैसा कि हमेशा से खेला था अपनी अंगुली से कपड़ों के उपर से ही उसके चूतड़पर इन्‍जेक्‍सन लगाया। उसने कहा "डॉक्‍टर इस वाले इन्‍जेक्‍सन का तो कोई असर ही नहीं हो रहा है।" फिर मैंने दूसरी अंगुली से इन्‍जेक्‍सन लगा दिया पर इस बार भी उसका वही जवाब था। मैंने कहा "तो कौनसा इन्‍जेक्‍सन काम करेगा।" "है ना एक और जो यहां पर है।" कहते हुए हिना ने मेरी चड्डी पर हाथ रख दिया और नुन्‍नी को उपर से ही सहलाने लगी। हिना अचानक उठ खड़ी हुई और मेरे होठों पर अपने होठ रख दिये। मैं जैसा कि अब तक खेल में कर रहा था उसके होठों को भी चूसने लग गया। वह मुझसे बोली "अपनी जीभ को बाहर निकालो।" मैंने वैसा ही किया तो वह धीरे से अपनी जीभ बाहर निकालकर मेरी जीभ के पास लाने लगी। जब हम दोनों की जीभ आपस में टकराई तो मुझे भी पता नहीं क्‍यों एक अजीब सा अहसास होने लगा, धड़कनें बढने लगी, तेज तेज सांसे चलने लगी थी।

      कुछ ही पल बाद उसने मुझे टेबल पर खड़ा कर दिया और मेरी चड्डी को नीचे खिसका दिया। मेरी छोटी सी नुन्‍नी उसके सामने थी जिसे देखकर वह पता नहीं क्‍यों मुस्‍कुराने लगी। हिना स्‍टूल पर बैठ गई और मेरी नुन्‍नी चूसने लगी। मुझे अजीब सा मजा आने लगा और मेरी नुन्‍नी फूलने लग गई। कुछ देर बाद मैंने कहा "पागल! इन्‍जेक्‍सन को ऐसे मुंह में नहीं लगाते हैं।" "अरे हां मैं तो भूल ही गई थी।" ऐसा कहते हुए उसने अपनी स्‍कर्ट और चड्डी नीचे खिसका दी। उसकी चूत पर कोमल बाल थे। मैंने पूछा "तुम्‍हें यहां भी इतने बाल कैसे आते हैं?" उसने कहा "प्‍लीज आप ये सब छोड़ो और जल्‍दी से अपना इन्‍जेक्‍सन लगा दो।"

      वह टेबल पर सीधे लेट गई और चूत की तरफ इसारा करते हुए बोली "डॉक्‍टर आप यहां पर इन्‍जेक्‍सन लगा दीजिए।" मैंने कहा "इन्‍जेक्‍सन तो पीछे बम्‍स पर लगाते है ना।" तो हिना हंसते हुए बोली "ये इन्‍जेक्‍सन इस छेद में ही लगता है।" मैंने अपनी नुन्‍नी को पकड़ा और उसकी चूत के पास ले गया। जैसे ही मेरी नुन्‍नी ने उसकी चूत को छुआ तो मुझे अपनी नुन्‍नी में एक अजीब सा अहसास हुआ। खैर मैंने अपनी चार इंच की नुन्‍नी उसकी चूत में घुसाने की कोशिश की तो वह बाहर ही फिसल गई। हिना ने मेरी नुन्‍नी को पकड़ा और अपनी चूत के पास टिका दिया और बोली "अबकी बार ध्‍यान से अन्‍दर डालो।" मैं ऐसा करने ही वाला था कि अचानक हमें बाहर की तरफ से कुछ आवाजें सुनाई दी, शायद काम करने वाले मजदूर आ गए थे, और बाहर बैठकर बातें कर रहे थे।

      यह सुनकर हिना ने हड़बड़ाहट में अपनी चड्डी और स्‍कर्ट उपर खींची फिर ब्रा और टॉप पहन लिया। मेरी चड्डी को भी जल्‍दी से उपर खींचते हुए बोली "चलो आज इतना ही खेलेंगे।" मैंने कहा "ये काम करने वाले लोग मुझे और मेरे दोस्‍तों को भी डांटते है।" तो हिना बोली "अगर हमें देख लिया तो हमें भी डांटेंगे।" मैंने कहा "आंगन में एक खिड़की है। हम हमेशा वहां से कूद जाते हैं।" हिना बोली "चलो मैं भी वहीं से कूदती हूं तुम्‍हारे साथ।" खिड़की से कूदकर हम दोनों थोड़ा दूर आए तो उसने कहा "आज तो शामत आ जाती। चलो मुझे भी काम है, मैं जाती हूं हम बाद में कभी ये खेल खेल लेंगे।"


      अगली बार हम कब खेले ये मैं आपको जरूर बताउंगा लेकिन फिर कभी। तब तक के लिए लड़के हिलाते रहें और लड़कियां दबाती रहें और पढना ना भूलें नॉन वेज ढाबा।
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